- Jaan
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- Jan 25, 2017
Umar Shayari - Har Umar Ka Apna Ehsaas
Umar badhti hai, par kuch vaade aur khwahishen wahin thehri rehti hain.
छोटी उम्र में किए वादे हों या ताउम्र साथ निभाने की चाहत - umar shayari उम्र के हर पड़ाव पर दिल के बदलते एहसास को छूती है, कभी शौक के लिए लग जाने वाले बरसों की बात करके तो कभी हादसों से पहले ही उम्र से बड़ा हो जाने की। गहरी बातों के लिए Anmol Vachan भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
दिखा न सकी जो उम्र भर, तमाम किताबे मुझे.....
- Hindi
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- Jan 25, 2017
जिंदगी भर "सुख" कमाकर दरवाजे से घर में लाने की कोशिश करते रहे
पता ही ना चला कि कब खिड़कियों से "उम्र" निकल गई।।
- Ham
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- Jan 24, 2017
दे दो हाथों में हाथ कि ताउम्र का सौदा कर ले,
थोड़ा प्यार तुम कर लो थोडा सा हम कर ले......
- Kuch
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- Jan 23, 2017
माहौल कुछ ऐसा बना तेरे मेरे दरमियाँ
शब्दों ने जहर पी लिया और खामोशियों की उम्र बढ गई.....
- Sad
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- Jan 18, 2017
निकले थे इसी आस पे कि किसी को अपना बना लेंगे ,
एक ख्वाहिश ने उम्र भर का मुसाफिर बना दिया.....
- Jubani
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- Jan 16, 2017
था जहाँ कहना वहाँ कह न पाये उम्र भर....
कागज़ों पर यूँ शेर लिखना बेजुबानी ही तो है।।
- Apne
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- Jan 11, 2017
उम्र अपने हसीन ख्वाबों की ,मैंने तो तेरे प्यार को दे दी.
नींद जितनी थी मेरी आँखों मे ,सब तेरे इंतज़ार को दे दी...
- Daam
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- Jan 09, 2017
ज़रा सी बात पे ना छोड़ना किसी का दामन
उम्रें बीत जाती हैं दिल का रिश्ता बनाने में
- Jaan
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- Jan 08, 2017
सीधी-साधी मुलाक़ात थी,
कौन जानता था उम्रकैद़ थी
- Ham
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- Jan 07, 2017