Umar Shayari - Har Umar Ka Apna Ehsaas
Umar badhti hai, par kuch vaade aur khwahishen wahin thehri rehti hain.
छोटी उम्र में किए वादे हों या ताउम्र साथ निभाने की चाहत - umar shayari उम्र के हर पड़ाव पर दिल के बदलते एहसास को छूती है, कभी शौक के लिए लग जाने वाले बरसों की बात करके तो कभी हादसों से पहले ही उम्र से बड़ा हो जाने की। गहरी बातों के लिए Anmol Vachan भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
- Khud
- |
- Aug 09, 2018
साथ ताउम्र निभाने वाला कोई नही होता है...
ख़ुद को सदा खुद ही के साथ चलना होता है...!!
- Kal
- |
- Aug 07, 2018
कल किसी ने मुस्कुराते हुए मुझसे मेरी उम्र पूछी...
मैंने हंसते हुए कहा जितनी गुज़री लौटा दोगे क्या...!!
- Chaah
- |
- Jul 23, 2018
चाहने वाले तो मिलते ही रहेंगे तुझे सारी उम्र बस तू,
कभी जिसे भूल न पाए वो चाहत यक़ीनन हमारी होगी।
- Saans
- |
- Jul 21, 2018
बड़े घाटे का सौदा है,ये साँस लेना भी,
बढ़े है उम्र ज्यूँ ज्यूँ,ज़िंदगी कम होती जाती है.....
- Saans
- |
- Jul 20, 2018