न जाने कौन सा मंज़र नज़र मे रहता है

न जाने कौन सा मंज़र नज़र मे रहता है

न जाने कौन सा मंज़र नज़र मे रहता है...
तमाम उम्र मुसाफिर सफर मे रहता है...!!


Na jaane kaun sa manzar nazar me rahata hai...
Tamaam umr musaaphir saphar me rahata hai...!!