- Kuch
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- May 10, 2018
Umar Shayari - Har Umar Ka Apna Ehsaas
Umar badhti hai, par kuch vaade aur khwahishen wahin thehri rehti hain.
छोटी उम्र में किए वादे हों या ताउम्र साथ निभाने की चाहत - umar shayari उम्र के हर पड़ाव पर दिल के बदलते एहसास को छूती है, कभी शौक के लिए लग जाने वाले बरसों की बात करके तो कभी हादसों से पहले ही उम्र से बड़ा हो जाने की। गहरी बातों के लिए Anmol Vachan भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
ख़्वाहिशें नहीं होतीं, किसी उम्र की मोहताज,
- Chehara
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- May 05, 2018
ये चेहरा, ये रौनक, ढल ही जायेंगे, इक उम्र क़े बाद...
पर हम मिलते रहगें, ताउम्र यूँ ही, अल्फाज़ो के साथ...!!
- Chaadar
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- Apr 30, 2018
खींच कर उतार देती है उम्र की चादर...
ये कमबख्त मोहब्बत कभी बूढ़ा नहीं होने देती...!!
- Dum
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- Sep 03, 2017
पहाड़ों जैसे सदमे झेलती है उम्र भर लेकिन,
बस इक औलाद की तकलीफ़ से माँ टूट जाती है...!
- Matalab
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- Jun 20, 2017
मतलब के इस दौर में उम्र भर का प्यार...
ना बाबा ना मतलब था निकलते ही छोड़ गये तो...?
- Raaz
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- Apr 30, 2017
उम्र गुजर रही है, तराजू के पलड़ों में…..
कभी रिश्ते भारी हो रहे है, तो कभी अरमान...!!
- Guzar
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- Apr 10, 2017