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- Jan 26, 2017
Tanha Shayari - Jab Bhiid Mein Bhi Akela Ho
Tanhai sirf akele hone ka naam nahi, kabhi bhiid mein bhi mehsoos hoti hai.
भीड़ में रहकर भी कभी-कभी इंसान खुद को अकेला महसूस करता है - tanha shayari इसी ख़ामोश तन्हाई को शब्द देती है, जो अक्सर रातों में और गहरी हो जाती है। ख़ामोशी से जुड़ी बातों के लिए Khamoshi शायरी भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
कितनी अजीब है इस शहर की तन्हाई भी,
- Ham
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- Jan 25, 2017
भते हुए ख्वाबों से कह दो अब आया ना करे..
हम तन्हा तसल्ली से रहते है बेकार उलझाया ना
करे...
- Hindi
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- Jan 16, 2017
मोहब्बत भी तो एक तरह की सियासत ही होती है,
जीते तो बादशाही और हारे तो क़ैद-ए-तन्हाई..
- December
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- Jan 06, 2017
जनवरी से तुम्हे खुशिया मिली क्या यारो,
में तो अब भी तन्हा हु दिसम्बर की तरह..!
- Hindi
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- Nov 19, 2016
तस्वीरों का रोग भी कितना अजिब होता है,,
तन्हाई में बातें करो तो बोलने लगती है !!
- Nov 05, 2016
मुझ से नाराज़ है तो छोड़ दे तन्हा मुझको,
एे ज़िन्दगी...मुझे रोज़ रोज़ तमाशा न बनाया कर !!
- Sad
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- Nov 03, 2016
काश कि....तुम समझ सकते मोहब्बत के उसूलों को...,
किसी के जीने की वजह बनने के बाद...,
उन्हें तन्हा छोडा नहीं करते
- Dil
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- Nov 02, 2016