कितनी फिक्र है कुदरत को मेरी तन्हाई की

कितनी फिक्र है कुदरत को मेरी तन्हाई की

कितनी फिक्र है कुदरत को मेरी तन्हाई की
जागते रहते हैं सितारे रात भर मेरे लिए


Kitanee phikr hai kudarat ko meree tanhaee kee
Jaagate rahate hain sitaare raat bhar mere lie