- Aag
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- Jun 20, 2017
Tanha Shayari - Jab Bhiid Mein Bhi Akela Ho
Tanhai sirf akele hone ka naam nahi, kabhi bhiid mein bhi mehsoos hoti hai.
भीड़ में रहकर भी कभी-कभी इंसान खुद को अकेला महसूस करता है - tanha shayari इसी ख़ामोश तन्हाई को शब्द देती है, जो अक्सर रातों में और गहरी हो जाती है। ख़ामोशी से जुड़ी बातों के लिए Khamoshi शायरी भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
बच्चे मेरी उँगली थामे, धीरे धीरे चलते थे...
- Ajeeb
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- Mar 17, 2017
कितनी अजीब है मेरे अन्दर की तन्हाई भी...
हज़ारों अपने हैं मगर, याद तुम ही आते हो...!!
- Jaan
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- Mar 10, 2017
वही तनहाई सी छाने लगी है, फिर तेरी याद सताने लगी है
तू भी तन्हा है, मैं भी तन्हा हूँ, ज़िंदगी मुफ्त में जाने लगी है
- Phool
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- Mar 08, 2017
रोता रहा फूल......तन्हाई में रात भर,
और लोग ओस कहकर उसे वहाँ से गुजरते रहे...!!
- Meri
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- Mar 08, 2017
पास मेरे न बैठो साहेब,
मेरी तन्हाई खफा होती है !!
- Saal
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- Mar 04, 2017
तन्हा राते बेमिसाल हे , तेरे जाने के बाद
तु घुट घुट कर मत रोना , मेरे गुजर जाने के बाद