- Ham
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- Oct 24, 2016
Tanha Shayari - Jab Bhiid Mein Bhi Akela Ho
Tanhai sirf akele hone ka naam nahi, kabhi bhiid mein bhi mehsoos hoti hai.
भीड़ में रहकर भी कभी-कभी इंसान खुद को अकेला महसूस करता है - tanha shayari इसी ख़ामोश तन्हाई को शब्द देती है, जो अक्सर रातों में और गहरी हो जाती है। ख़ामोशी से जुड़ी बातों के लिए Khamoshi शायरी भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
वो अपनी तन्हाई की खातिर फिर आ मिला मुझसे,
- Meri
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- Oct 22, 2016
कहने लगी है अब तो मेरी तन्हाई भी मुझसे....
मुझसे ही कर लो मोहब्बत मैं तो बेवफा भी नही..!!!
- Sad
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- Oct 22, 2016
क्या टुटा है अंदर अंदर क्यों चेहरा कुम्हलाया हे.....
तन्हा तन्हा रोने वाले कौन तुम्हे याद आया है........
- Raat
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- Oct 22, 2016
ना मैं सोया ........ ना मैंने रात को ही सोने दिया
मैंने उसके अँधेरे को ........उसने मेरी तन्हाई को बाँटा
- Khush
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- Oct 21, 2016
नामुमकिन है इस जहाँ में हर शख्स को खुश रख पाना...
बस इसी लिये अपनी तन्हाई में खुद खुश रहती हूँ...!!
- Ghar
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- Oct 19, 2016
वीरानियाँ, खामौशियाँ, तन्हाईयाँ, उदासियाँ
कितना कुछ तो रहता है मेरे साथ घर मे....
- Ham
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- Oct 15, 2016
अकेले हैं हम तो क्या हुआ, ये ज़िन्दगी गुजर ही जायेगी ।
हम अपनी तन्हाई में किसी को शरीक नही करते
- Aksar
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- Oct 15, 2016
किसी ने पूछा कौन याद आता है अक्सर तन्हाई में.
हमने कहा कुछ पुराने रास्ते, खुली ज़ुल्फे और बस दो आँखे..
- Raat
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- Oct 15, 2016