Saath Shayari - Bharosa Aur Uska Toot Jaana

Saath ho ya na ho, dono ehsaas is shayari mein zinda hain.

Saath Shayari - Jab Koi Saath Nibhaye

दुख-सुख में साथ निभाने वाला कोई मिल जाए तो ज़िंदगी आसान लगने लगती है, और साथ छूट जाए तो वही राह गंवारा नहीं रहती - saath shayari इसी भरोसे और उसके टूटने दोनों को शब्द देती है। बिछड़ने के दर्द से जुड़ी Judaa शायरी भी पढ़ें।


यह साथ कभी दिल की धड़कन बन जाता है तो कभी वक़्त के साथ बदल जाता है, इसलिए Dil और Waqt शायरी भी ज़रूर पढ़ें।