- Jan 29, 2022
Ras Shayari - Kaashi Ka Adhyatmik Rang
Banaras ka har ghaat is ras shayari mein zinda ho utha hai.
गंगा किनारे की शाम, विश्वनाथ के दर्शन और मणिकर्णिका घाट का सच - ras shayari में यह पूरा बनारस अपनी अध्यात्मिक रंगत के साथ उतरा है, जहाँ हर सतर में एक गहरा रस छुपा है। छोटे अंदाज़ में ऐसी ही भावनाएं 2 Line में भी मिलेंगी।
- Last Updated on Aug 11, 2026
मिलना इत्तेफाक था बिछड़ना नसीब था,
- Dil
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- Jan 03, 2022
कहीं फ़लक पे सरकती है सरसराती हुई
कहीं दिलों की फ़ज़ा में पतंग उड़ती है
-ज़फ़र इक़बाल
- Dec 14, 2021
गर्दिश-ए-दौरां, ज़माने की नज़र, आँखों की नींद,
कितने दुश्मन इक रस्म-ए-मोहब्बत से हो गये।
- Ganga
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- Dec 09, 2021
जब मैं बनारस जाता हूँ
तो दो जगह जाना नहीं भूलता हूँ,
इक गंगा मैया का तट
दूसरा बाबा विश्वनाथ का पट…
- Dil
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- Dec 09, 2021
जो बाबा विश्वनाथ के द्वार आता है,
आध्यात्म का आत्म सुख पाता है,
माँ गंगा की आरती को जिसने देखा
उसके दिल में इक बनारस बस जाता है.
- Mahadev
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- Dec 09, 2021
महादेव के भक्तों को सत्य पर गुरूर हैं,
बनारस का प्रेम भी पूरी दुनिया में मशहूर है.
- Ganga
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- Dec 09, 2021
नासमझी में पत्थर समझा,
समझ आया तो पारस हो गया,
उसने गंगा-सा ऐसे छुआ मुझको
कि मेरा रोम-रोम बनारस हो गया.
- Banaras
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- Dec 09, 2021
तुम्हें मैंने अपने दिल में
इस तरह से बसाया है,
जैसे गंगा किनारे भगवान शिव ने
दिव्य बनारस बसाया है.
- Gyaan
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- Dec 09, 2021
बनारस में मणिकर्णिका घाट
जीवन के सत्य को 24 घंटे दिखाता है,
इस घाट पर कुछ देर बैठने मात्र से
ही आध्यात्म और सत्य का ज्ञान हो
जाता है.
- Ganga
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- Dec 09, 2021
बनारस की शाम सबसे सुंदर होती है,
जब माँ गंगा की आरती शुरू होती है
तो मन मन्त्र मुग्ध हो जाता है और
हृदय में अध्यात्म जागृत हो जाता है.
- Banaras
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- Dec 09, 2021
बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद हो,
माँ गंगा का निर्मल पवित्र घाट हो,
पूरी दुनिया को मैं भूल जाऊं और
बनारस में मेरा भोला मुझे याद हो.
- Darbar
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- Dec 09, 2021
यहाँ बाबा विश्वनाथ का दरबार है,
यहाँ माँ गंगा की जय जयकार है,
अध्यात्म की नगरी बनारस को देखा
तो लगा यही तो जीवन का सार है.
चक्रधारी पांडेय
- Janm
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- Dec 09, 2021
जिसने भी छुआ वो स्वर्ण हुआ,
सब कहे मुझे मैं पारस हूँ
मेरा जन्म महा श्मशान मगर
मैं जिन्दा शहर बनारस हूँ.
चंद्रशेखर गोस्वामी
- Dil
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- Dec 09, 2021