रख सको तो एक निशानी हैं हम

रख सको तो एक निशानी हैं हम

रख सको तो एक निशानी हैं हम,
भूल जाओ तो एक कहानी हैं हम,
ख़ुशी की धूप हो या हो ग़म के बादल,
दोनों में जो बरसें वो पानी हैं हम।


Rakh Sako Toh Ek Nishani Hain Hum,
Bhul Jao Toh Ek Kahani Hain Hum,
Khushi Ki Dhup Ho Ya Gam Ke Badal,
Dono Mein Jo Barse Wo Pani Hain Hum.