- Haath
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- Jan 27, 2022
Mitti Shayari
Shayari rooted in homeland, soil, and belonging
These mitti lines return again and again to homeland — a soldier who carries his native soil's fragrance even into the desert, and every kind of blood mixing into ground no one can claim alone. Feel the same patriotic pull in Desh Bhakti shayari.
- Last Updated on Aug 11, 2026
हाथ मै मिट्टी की कुल्हड़
- Ham
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- Dec 14, 2021
हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं
मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं
- Dushman
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- Nov 29, 2020
मेरे शरीर से आती है वतन की मिट्टी की खुशबु,
दुश्मन को चाटता हूं धूल,
आसमान को भी भर लूं मुठ्ठी में,
मैं रेगिस्तान में भी खिला दूं फूल !!
- Khud
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- Mar 20, 2019
कितनी दुनिया है मुझे ज़िन्दगी देने वाली,और एक ख्वाब है तेरा की जो मर जाता है
खुद को तरतीब से जोड़ूँ तो कहा से जोड़ूँ,मेरी मिट्टी में जो तू है की बिखर जाता है !!
- Hindi
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- Oct 09, 2018
तज़ुर्बा है मेरा मिट्टी की पकड़ मजबुत होती है,
संगमरमर पर तो हमने पाँव फिसलते देखे हैं।
- Desh
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- Aug 21, 2018
कुछ तो बात है मेरे देश कि मिट्टी मे गालीब.....
सरहद कूद के आते है, आतंकी यहाँ दफन होने के लिए....
- Hindi
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- Jul 18, 2018
कतरा कतरा मे नाम तेरा लिख दिया
लहर लहर मे तेरी सूरत दर्शा दी
जो उखाड़ना है उखाड़ले बारिश की बौछारे
मिट्टी के मकान मे रहकर मैंने अपनी मुहब्बत बरसा दी।
- Aap
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- Jul 03, 2018
खूब करो साहिब, कोशिश हमें मिट्टी में दबाने की,
..शायद आपको नहीं मालूम, कि ‘‘हम बीज हैं”
आदत है हमारी बार-बार उग जाने की..