Din Shayari - Har Din Ki Apni Kahani
Har din ek naya ehsaas le kar aata hai.
"दिन" यहाँ कई मायनों में आता है - कभी चार दिन के इश्क़ की बात, कभी किसी के लौट आने के इंतज़ार में गुज़रते दिन, और कभी त्योहार के पावन दिन की खुशी। हर लाइन वक़्त के गुज़रने और लौटने की उम्मीद को छूती है। दिल से जुड़ी बात के लिए Dil भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
- Dukh
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- Sep 29, 2018
बस अब तो दामन-ए-दिल छोड़ दो बेकार उम्मीदों
बहुत दुःख सह लिए मैंने बहुत दिन जी लिया मैंने !!
- Apne
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- Sep 27, 2018
खुदा का काम है यूँ तो मरीजों को शिफा* देना
मुनासिब हो तो इक दिन हाथों से अपने दवा देना
*शिफा = रोगमुक्ति
- Hindi
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- Sep 26, 2018
शायद कुछ दिन और लगेंगे, ज़ख़्मे-दिल के भरने में,
जो अक्सर याद आते थे वो कभी-कभी याद आते हैं।
- Politics
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- Sep 14, 2018
बहुत दिनों से है ये मशग़ला सियासत का
के जब जवान हों बच्चे तो क़त्ल हो जाए !!
(मशग़ला = दिल बहलाव; सियासत = राजनीति)
- Iman
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- Sep 11, 2018
नई दुनिया में कुछ बीते दिनों के भी निशाँ होंगे
अजाइबखानों में रखेंगे, दीनों को ईमानों को
(दीन – धर्म, मजहब; ईमान – ईमानदारी, अकीदा)
- Hasrat
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- Sep 10, 2018
फूल तो दो दिन बहारे-जाँफिजा* बिखरा गये
हसरत उन गुन्चों पै है जो बिन खिले मुर्झा गये
1.जाँफिजा – प्राणों को बढ़ाने वाला, प्राणवर्धक 2. गुंचा – कली