- Deedar
- |
- Dec 09, 2021
Mahak Shayari
Kuch yaadein aisi hoti hain jo baras baad bhi mahakti rehti hain.
Mahak shayari pyaar ki khushbu ko shabdon mein basati hai - kisi ki yaad ka mahakna ho ya Dil mein basi kisi khaas shaam ki khushbu, har sher ek naram ehsaas jagata hai.
- Last Updated on Aug 11, 2026
जो शख्स तेरे तसव्वुर से हे महक जाये
- Baras
- |
- Jan 03, 2021
पिछले बरस तुम साथ थे मेरे और दिसम्बर था
महके हुए दिन-रात थे मेरे और दिसम्बर था !!
चाँदनी-रात थी सर्द हवा से खिड़की बजती थी
उन हाथों में हाथ थे मेरे और दिसम्बर था !!
- Dil
- |
- Dec 14, 2020
ई फूलन मे अब उ महक कहॉ,
इ राह क अब कवनो मंजिल कहॉ..!
क लेती हम मोम अगर केहू पत्थर दिल होत त,
पर इहां त केहू में इंसानी दिल बा कहॉ !!
- April Fool
- |
- Mar 14, 2019
गुलाब का फूल बाग़ में खिल रहा है,
कमल का फूल तालाब में तैर रहा है,
जैस्मिन का फूल चमन में महक रहा है,
और अप्रैल का फूल एडवांस में हमारा ‘sms’ पढ़ रहा है…
- Hak
- |
- Jan 30, 2019
फ़िज़ा में महकती शाम हो तुम..
प्यार में झलकता जाम हो तुम..
सीने में छुपाए फिरते है हम यादें तुम्हारी..
इसलिए मेरी ज़िन्दगी का दूसरा नाम हो तुम।
- Apne
- |
- Jan 30, 2019
अपनी बाँहों में मुझे बिखर जाने दो..
साँसों से अपनी मुझे महक जाने दो..
दिल बेचैन है कबसे इस प्यार के लिए..
आज तो सीने में अपने मुझे उतर जाने दो।
- Dhadkan
- |
- Jan 28, 2019
बाँहों के दरमियाँ दो प्यार मिल रहे हैं …
जाने क्या बोले मन ….
डोले सुनके बदन धड़कन बनी ज़ुबाँ ….
आके तेरी बाँहों में हर शाम लगे सिंधूरी…
मेरे मन को महकाए तेरे मन की कस्तूरी ।
- Badal
- |
- Apr 11, 2017
अपनी सोच के दायरे से रूबरू कराती है जिंदगी...
बदलता कोई नही जरूरतें महकाते हैं रिश्ते...!!