- Hamesha
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- Jul 06, 2023
Kareeb Shayari - Doori Bhi, Apnapan Bhi
Paas hoke bhi kabhi doori mehsoos hoti hai - yehi hai kareeb shayari ka dard.
जो पास बैठा हो लेकिन दिल से कहीं और जुड़ा हो, वह दूरी शारीरिक फ़ासले से भी ज़्यादा गहरी लगती है - करीब शायरी इसी अधूरे अपनेपन को शब्द देती है। इसी बेपनाह चाहत के लिए Bepannah शायरी भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
दूरियों को भी सबक सिखाएंगे एक दिन,
- Bura
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- Dec 13, 2021
ख्वाहिश इतनी है बस कि
कुछ ऐसा मेरा नसीब हो…
वक्त अच्छा हो या बुरा
बस तू मेरे करीब हो..
❤️❤️❤️🌹🌹💯
- Naseeb
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- Dec 13, 2021
साथ मेरे बैठा था पर किसी और के करीब था,
वो अपना सा लगने वाला किसी और का नसीब था.!
- Door
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- May 13, 2021
टूटा दिल और धड़कन को एहसास ना हुआ।
पास होकर भी वो दिल के पास न रहा।
जब दूर थी तो,जान थी मेरी।
आज जब हम क़रीब आये तो वो एहसास ना रहा।
- Birthday
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- Mar 12, 2021
अजीज भी आप है,
नसीब भी आप हैं दुनिया की भीड़ में करीब भी आप हैं,
आपकी दुआओ से ही चलती है जिंदगी,
क्युकी खुदा भी आप है, तकदीर भी आप हैं
- Chaahat
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- Mar 30, 2019
इश्क़ का खेल बहुत ही अजीब हो गया है
इंसा दिल के बहुत करीब हो गया है !!
भर तो ली है झोली उन सब ने सिक्कों से
मगर, चाहत के मुकाबले बहुत गरीब हो गया है !!
- Hindi
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- Mar 29, 2019
उसका मिलना था इत्तेफ़ाक़, बिछड़ना नसीब था..
वो उतना ही दूर हो गया जितना करीब था !!
- Fal
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- Mar 27, 2019
मिल गयी है सफलता तो नजरिये बदले हैं
जो थे कल तक दुश्मन आज करीबी निकले हैं,
ना ही बदला हूँ मैं ना ही मेरे अंदाज बदले हैं,
ये तो बस शुरुआत थी अभी तो पड़ाव अगले हैं।