- Jul 02, 2019
Rahat Indori Shayari
Rahat Indori's Shayari - Read, Save and Share
A curated collection of shayari by Rahat Indori, Urdu Poet, Lyricist, explore verses that capture Rahat Indori's distinct voice.
- Last Updated on Aug 11, 2026
झूठी बुलंदियों का धुआँ पार करके आ
- Positive
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- Apr 11, 2019
मैं न जुगनू हूँ दिया हूँ न कोई तारा हूँ ।
रौशनी वाले मेरे नाम से जलते क्यूँ हैं ।।
- Hindi
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- Jun 18, 2018
इस दुनिया ने मेरी वफ़ा का कितना ऊँचा मोल दिया
बातों के तेजाब में, मेरे मन का अमृत घोल दिया
जब भी कोई इनाम मिला हैं, मेरा नाम तक भूल गए
जब भी कोई इलज़ाम लगा हैं, मुझ पर लाकर ढोल दिया
- Log
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- Jun 18, 2018
कश्ती तेरा नसीब चमकदार कर दिया
इस पार के थपेड़ों ने उस पार कर दिया
अफवाह थी की मेरी तबियत ख़राब हैं
लोगो ने पूछ पूछ के बीमार कर दिया
- Hindi
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- Jun 18, 2018
मौसमो का ख़याल रखा करो
कुछ लहू मैं उबाल रखा करो
लाख सूरज से दोस्ताना हो
चंद जुगनू भी पाल रखा करो
- Haath
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- Jun 18, 2018
आग के पास कभी मोम को लाकर देखूं
हो इज़ाज़त तो तुझे हाथ लगाकर देखूं
दिल का मंदिर बड़ा वीरान नज़र आता है
सोचता हूँ तेरी तस्वीर लगाकर देखूं
- Ham
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- Jun 17, 2018
साँसों की सीडियों से उतर आई जिंदगी
बुझते हुए दिए की तरह, जल रहे हैं हम
उम्रों की धुप, जिस्म का दरिया सुखा गयी
हैं हम भी आफताब, मगर ढल रहे हैं हम
- Kuch
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- Jun 17, 2018
राज़ जो कुछ हो इशारों में बता देना
हाथ जब उससे मिलाओ दबा भी देना
नशा वेसे तो बुरी शे है, मगर
“राहत” से सुननी हो तो थोड़ी सी पिला भी देना
- Hindi
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- Jun 17, 2018
इन्तेज़ामात नए सिरे से संभाले जाएँ
जितने कमजर्फ हैं महफ़िल से निकाले जाएँ
मेरा घर आग की लपटों में छुपा हैं लेकिन
जब मज़ा हैं, तेरे आँगन में उजाला जाएँ
- Door
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- Jun 17, 2018
ये हादसा तो किसी दिन गुजरने वाला था
में बच भी जाता तो मरने वाला था
मेरा नसीब मेरे हाथ कट गए
वरना में तेरी मांग में सिन्दूर भरने वाला था