Khamosh Shayari - Khamoshi Ki Apni Zubaan

Kuch baatein khamoshi hi sabse achhe se keh paati hai.

Khamosh Shayari - Jab Khamoshi Bolti Hai

हुनर जितना गहरा होता है, इंसान अक्सर उतना ही कम बोलता है - khamosh shayari इसी सच के इर्द-गिर्द बुनी गई है, कभी दबी हुई मोहब्बत की शक्ल में तो कभी लोकतंत्र और समाज पर सीधी टिप्पणी में। छोटे अंदाज़ में यही भाव 2 Line में भी मिलता है।


यह खामोशी कभी दिल की गहराई में दिखती है तो कभी हिंदी शायरी के हर रंग में, इसलिए Dil और Hindi शायरी भी देखें।