- Jazbat
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- Dec 01, 2021
Jaj Shayari
Jazbaat kabhi lafzon mein poora nahi aata.
Ye sher un jazbaaton ki baat karte hain jo khamoshi mein bhi samajh liye jaate hain, aur jo na samjhein unke liye mazaak ban jaate hain. Aaj ke daur mein bhi ye dard utna hi sacha hai.
- Last Updated on Aug 11, 2026
कम ही होते हैं जज्बातों को समझने वाले,
- Samajh
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- Jul 27, 2019
समझने वाले तो ख़ामोशी भी समझ लेते हैं...
न समझने वाले जज़्बातों का भी मज़ाक़ बना देते हैं...!!
- Ham
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- Jan 30, 2019
आपकी मुस्कान हमारी कमजोरी है..
कह ना पाना हमारी मजबूरी है !!
आप क्यों नहीं समझते इस जज़्बात को..
क्या खामोशियों को ज़ुबान देना ज़रूरी है !!
- Dard-bhari
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- Jul 22, 2018
बड़ा मुश्किल है.. जज़्बातो को पन्नो पर उतारना,
हर दर्द महसूस करना पड़ता है लिखने से पहले।
- Desh Bhakti
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- Jan 16, 2018
कर जज्बे को बुलंद जवान, तेरे पीछे खड़ी आवाम !
हर दुश्मन को मार गिराएंगे, जो हमसे देश बँटवाएंगे !!
- Dil
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- Jul 14, 2017
हर उस लफ़्ज़ के वजूद से, शिकायत है मुझे...
जिसमें शामिल तुम्हारे दिल के, जज़्बात ना हो...!!
- Baatein
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- Jan 25, 2017