- Hamari
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- Sep 04, 2021
Haisiyat Shayari
Haisiyat dekh kar badalte rishte.
Haisiyat shayari in hindi calls out people who measure worth before they measure feeling, relationships that only move forward once your standing has been quietly checked. Read more in Dil shayari.
- Last Updated on Aug 11, 2026
हमारी हैसियत का अंदाज़ा,
- Hindi
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- Aug 21, 2021
पराये लोग ही इस जीवन में सम्बन्ध निभाते है...
अपने तो एक दूसरे की हैसियत नापने में लगे रहते है...!!
- Ham
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- Jul 29, 2018
हमारी हैसियत का अंदाज़ा तुम ये जान के लगा लो,
हम कभी उनके नही होते, जो हर किसी के हो जाए।
- Kuch
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- Jul 15, 2018
रूबरू होने की तो छोड़िये,
गुफ्तगू से भी कतराने लगे हैं..
गुरूर ओढ़े हुए कुछ रिश्ते,
अपनी हैसियत पर इतराने लगे हैं।
- Kuch
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- Jul 07, 2018
मैं याद तो हूँ उसे, पर ज़रूरत के हिसाब से,
लगता है मेरी हैसियत, कुछ नमक जैसी है।
- Aaj
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- Apr 01, 2017
हाल पूछा न खैरियत पूछी,
आज भी उसने मेरी हैसियत पूछी !
- Aadat
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- Feb 02, 2017
झट से बदल दूं इतनी ...... न हैसियत, न आदत है मेरी;
लोग हों या लिबास ....... मैं बरसों चलाता हूं!!
- Meri
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- Jan 13, 2017
यारा...लिबास से मत तय कर तू मेरी हैसियत...
अभी कफ़न ओढ़ लूंगा तो कंधे पर उठाए फिरेगा...
- Sad
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- Jan 13, 2017
आज का इश्क़ हैसियत देखता है साहिब...
वो दौर अलग था, जब रूह से इश्क़ होता था.....!!
- Rubaru
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- Jan 07, 2017
रूबरू होने की तो छोड़िये,लोग गुफ़्तगू से भी क़तराने लगे हैं...
ग़ुरूर ओढ़े हैं रिश्ते,अपनी हैसियत पर इतराने लगे हैं...!!
- Love
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- Nov 11, 2016