- Meri
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- Jul 06, 2023
Berang Shayari
Rang sab jagah hain, phir bhi zindagi berang
Holi ke rangon ke beech bhi kabhi zindagi berang mehsoos hoti hai, jab koi khaas apna rang chhod kar chala jaaye — yeh berang shayari isi khaalipan ko lafzon mein rangti hai. Tyohar ki aur rangeen lines Holi mein bhi padhein.
- Last Updated on Aug 11, 2026
बेरंग सी फ़िज़ाओं में, बस उनकी ही कमी है,
- Rang
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- Jun 29, 2021
किसी और के रंग में रंगने लगे है वो,
मेरी दुनिया बेरंग कर,
किसी गैर की याद में हँसने लगे है वो.
- Ham
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- Mar 17, 2019
वो सब रंग बेरंग हैं जो ढूंढते व्यापार होली में,
विजेता हैं जिन्हें स्वीकार हर हार होली में,
मैं मंदिर से निकल आऊँ तुम मस्जिद से निकल आना,
तो मिलकर हम लगाएंगे गुलाल-ए-प्यार होली में
- Hindi
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- Mar 14, 2017
होली कहें या दीवाली कहें सब बड़ी दूर छोड़ आएँ हैं
रंग बहुत मिले ज़िंदगी में फिर बेरंग निकल आएँ हैं.....
- Hindi
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- Mar 04, 2017
बेरंग ही होती है, हक़ीक़त-ए-ज़िन्दगी ऐ दोस्त;
वर्ना झूठ के चेहरों के तो, हज़ारो रंग होते हैं!
- Mausam
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- Nov 03, 2016