टपकती है निगाहों से बरसती है अदाओं से

टपकती है निगाहों से बरसती है अदाओं से

टपकती है निगाहों से बरसती है अदाओं से

टपकती है निगाहों से बरसती है अदाओं से,
मोहब्बत कौन कहता है कि पहचानी नहीं जाती।


Tapkati hai niganho se barsati hai adaaon se,
Mohbbat kon kahta hai ki pahchani nahi jaati !!