- Bhool
- |
- Feb 01, 2017
Ummeed Shayari - Jab Dil Aas Na Chhode
Haalat kuch bhi ho, ummeed hamesha rasta dikhati hai.
हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, दिल कहीं न कहीं एक उम्मीद ज़िंदा रखता है - ummeed shayari इसी इंतज़ार और उम्मीद के रिश्ते को बयान करती है। आप से जुड़ी अपनेपन भरी बातों के लिए Aap शायरी भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
यकीन था कि तुम भूल जाओगे मुझको...
- Samajh
- |
- Jan 11, 2017
बुरे समय में किसी से, कोई उम्मीद मत रखो
क्योकिं, समझौते शेर को भी कुत्ता बना देते हैं !!
- Haath
- |
- Jan 08, 2017
जहाँ उम्मीद थी ज़्यादा वहीं से खाली हाथ आए...
बबूलों से बुरे निकले तेरे गुलमोहर के साए
- Sad
- |
- Nov 19, 2016
गुमसुम लम्हे, सूने सपने,टूटती-जुड़ती उम्मीदें
डरती हूँ कैसे कटेगी उम्र है कोई रात तो नही !
- Hindi
- |
- Nov 11, 2016
रूठ कर बोले वो तुम्हें सारी शिकायते हमसे क्य़ूं है
हमने भी सर झुका कर कह दिया कि हमें सारी उम्मीदे भी तुमसे ही हैं
- Sad
- |
- Nov 04, 2016
उम्मीद-ए-वफ़ा ना रख तू उन लोगो से..
जो मिलते हैं किसी से और होते हैं किसी और के...!
- Hindi
- |
- Nov 03, 2016
गुत्थियों की तरह उलझा चरित्र लेकर ...
कैसे उम्मीद करूँ कि मुझको कोई समझ जाये.!!
- Hindi
- |
- Oct 27, 2016
मेरा उससे उम्मीद जोडना ही मेरे बर्बाद होने की वजह है
यूं बेवजह उस पर इल्जाम लगाना भी तो ठीक नहीं जब कसूर अपना हो
- Hindi
- |
- Oct 22, 2016