- Modi
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- Jan 09, 2022
Politics Shayari - Vaadon Ka Sach
Kursi badalti hai, vaade wahi rehte hain - yehi hai politics shayari ka tanz.
बड़े-बड़े वादों के साथ सरकारी कुर्सी तक पहुँचने वाले अक्सर पद मिलते ही अपना रंग बदल लेते हैं - politics shayari इसी तंज़ और आम आदमी की उम्मीदों के बीच के फ़ासले को शब्द देती है। इसी विषय पर सीधे उद्धरणों के लिए Quotes भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
विश्व में पहचान बनानी हैं
- Sarkari
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- Dec 09, 2020
देश को बदलने का जज्बा लेकर
सरकारी नौकरी में आते है,
नौकरी मिल जाते ही ये
दामाद-सा लुफ्त उठाते है.
- Ham
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- Apr 12, 2019
हम आज सब कृतज्ञ हुये, आप पधारीं
आशायें सोई सोई थीं वो, जग गई सारीं
उपकृत ह्रदय से आपका, करते हैं स्वागतम
हम आपके हुये हैं और, आप हमारीं।
- Manch
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- Apr 12, 2019
इस मंच को सभा को ज़रा प्यार दीजिये
थोड़ा प्रशंसकों पर उपकार कीजिये
है नेह निमंत्रण इसे स्वीकार लीजिये
नेता जी आप मंच पर आकर विराजिये !!
- Aam
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- Apr 11, 2019
अब ख़ासदार ख़ास, आदमी का है कहाँ
अब आमदार, आम आदमी का है कहाँ
अब आजकल के नेता कहाँ आपसे यहाँ
अब आदमी भी आज आदमी का है कहाँ।
- Ham
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- Apr 11, 2019
जीवन में कोई आपसा, देखा कभी नहीं
सज़्ज़न स्वभाव आपसा, देखा कभी नहीं
हम भाग्यशाली हैं जो हमें, आप मिल गये
व्यक्तित्व हमने आपसा, देखा नहीं कभी।
- Dard-bhari
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- Apr 10, 2019
दुःख दर्द आये हमको, तो दुखिया बना लिया
सुख अपना बाँट करके, सुखिया बना दिया
सुख दुःख में साथ यूँ ही, सदा आपका मिले
हम सबने आज आपको, मुखिया बना लिया।
- Aam
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- Apr 10, 2019
अब ख़ासदार ख़ास, आदमी का है कहाँ
अब आमदार, आम आदमी का है कहाँ
अब आजकल के नेता कहाँ आपसे यहाँ
अब आदमी भी आज आदमी का है कहाँ।
- Dum
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- Apr 09, 2019
हर गाँव गाँव आपकी, चर्चा बड़ी हुज़ूर
मन मे है आपके लिये, श्रद्धा बड़ी हुज़ूर
हरदम हमारे वास्ते, तत्पर खड़े रहे
तत्पर तुम्हारे वास्ते, जनता खड़ी हुज़ूर।
- Dum
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- Apr 09, 2019
हर गाँव गाँव आपकी, चर्चा बड़ी हुज़ूर
मन मे है आपके लिये, श्रद्धा बड़ी हुज़ूर
हरदम हमारे वास्ते, तत्पर खड़े रहे
तत्पर तुम्हारे वास्ते, जनता खड़ी हुज़ूर।
- Achchha
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- Apr 08, 2019
दुनिया में आज रहनुमा, अब कोई है कहाँ
इंसान आज ख़ुशनुमा, अब कोई है कहाँ
यूँ आज सियासत में, आप सा कहाँ कोई
अच्छाई का यूँ रहनुमा, अब कोई है कहाँ।
- Ham
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- Apr 08, 2019
सोये थे सारे ख़्वाब, शहर के मचल गये
मुरझाये सारे फूल, गुलसितां के खिल गये
नेताजी हमें आपसे, उम्मीद है बड़ी
तकदीर थी हमारी, हमें आप मिल गये।
- Kismat
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- Apr 07, 2019
फिर शान इस शहर को, नई आप से मिली
मुस्कान इस शहर को, नई आप से मिली
पाकर के साथ आपका, किस्मत बदल गयी
पहचान इस शहर को, नई आप से मिली।
- Ghar
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- Apr 07, 2019
कस्बा दिया था आपको, शहर बना दिया
कितनों को रोज़गार दिया, घर बना दिया
किस तरहा शुक्रिया हुज़ूर, आप का करें
तकदीर बना दी है, मुक़द्दर बना दिया।
- Desh
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- Apr 06, 2019
लोकतंत्र फांसी चढ़ा, वो बोले अब सुर में साथ,
भूल सके ना देश कभी , इमरजेंसी के हालात !!
- Bhool
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- Apr 06, 2019