- Apne
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- Nov 09, 2021
Marz Shayari
Kuch marz dawa se theek hote hain, kuch marzi se.
Marz shayari plays on two close Urdu-Hindi words at once — 'marz' as the ailment love leaves behind, and 'marzi' as the will or consent someone withholds. Together they cover love-sickness with no real cure and love that only works when both sides agree to it. Pair with Dava shayari for more cure-and-remedy lines.
- Last Updated on Aug 11, 2026
अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपाएँ कैसे,
- Mar
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- Oct 25, 2021
तेरी मर्जी से ढल जाऊं हर बार ये मुमकिन नहीं,
मेरा भी अपना वजूद है, मैं कोई आइना नहीं।
- Dil
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- Jan 26, 2019
किसी की मर्ज़ी तो होती है
जो फूल बागान में खिलते हैं
कोई तो हाथ थामता है
तब इरादों को आसमान मिलते हैं
हमने भगवान देखे तो नहीं हैं
पर उनके होने का यकीन होता है
जब जब भी हमें आप जैसे
नेक दिल इंसान मिलते हैं।
- Hindi
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- Jul 14, 2017
सारे मर्ज़ों का इलाज इसी दुनिया में है, मरीज़ घर में या...
राह मे है, जीना-मरना इसपे है कि कौन किस पनाह में है...!!
- Mar
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- Jan 26, 2017
DP में तिरंगा लगाने से बेहतर होगा...
कि पूरे साल जहाँ मर्जी नहीं थूके और ना ही मूतें..
- Hindi
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- Jan 25, 2017
क्या अजीब सी ज़िद है..
हम दोनों की,
तेरी मर्ज़ी हमसे जुदा होने की..
और मेरी तेरे पीछे तबाह होने की......
- Mar
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- Jan 23, 2017
तेरी मर्जी से ढल जाऊ हर बार ये मुमकिन तो नही ,
मेरा भी वज़ूद है मै कोई आइना तो नही.....!!!!
- Love
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- Jan 07, 2017