- Shabd
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- Jan 27, 2022
Dava Shayari
Dard ho ya khushi, kabhi wajah khud hi dava ban jaati hai.
Kuch dard aise hote hain jinki dava kismat mein hi nahi likhi hoti, aur kuch waqt khud dawai ban jaata hai, yeh shayari isi kashmakash ko shabdon mein dhalti hai. Dard se judi Dard-bhari Shayari bhi is safar mein saath degi.
- Last Updated on Aug 11, 2026
लगता हैं, मेरे शायरी के शब्द थकने लगें हैं
- Hva
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- Dec 09, 2021
मैं शहर का मीठा डब्बा हूँ तुम कड़वी वाली दवा प्रिये,
मैं शुद्ध लहर हूँ वादी की तुम दिल्ली की गंदी हवा प्रिये.
- Sep 02, 2021
ज़िन्दगी ने मेरे दर्द का क्या खूब इलाज सुझाया,
वक्त को दवा बताया ख्वाहिशों से परहेज़ बताया।
- Funny
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- Aug 29, 2021
कैसे मुमकिन था किसी दवा से इलाज़ ग़ालिब।
इश्क का रोग था माँ की चप्पल से ही आराम आया।
- Jul 25, 2021
ना कर तू इतनी कोशिशे,
मेरे दर्द को समझने की,
पहले इश्क़ कर,
फिर ज़ख्म खा,
फिर लिख दवा मेरे दर्द की।
- Khud
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- Jul 25, 2021
मुझको ऐसा दर्द मिला जिसकी दवा नहीं,
फिर भी खुश हूँ मुझे उस से कोई गिला नहीं,
और कितने आंसू बहाऊँ मैं उस के लिए,
जिसको खुदा ने मेरे नसीब में लिखा नहीं।
- Asar
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- Apr 23, 2021
उल्फ़त के बदले उन से मिला दर्द-ए-ला-इलाज
इतना बढ़े है दर्द मैं जितनी दवा करूँ
- असर अकबराबादी
- Doctor
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- Dec 16, 2020
वो दर्द भी देते है, वो दवा भी बेचते है,
सुना है हमने वो तो डॉक्टरी के पेशे में है.
- Ham
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- Dec 14, 2020
ना दवा लगी ना दुआ,
इश्क में लाइलाज बीमारी हुए,
हम तब से खुद के भी ना रहे
जब से हम सरकारी हुए.
- Raat
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- Dec 05, 2020