- Jaroorat
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- Dec 13, 2021
Kalam Shayari
Jo kalam se nasha kare, wahi asli shayar hai.
Ye kalam shayari raat ki khamoshi mein likhi gayi un lines ki baat karti hai jo sirf kalam ke saath jaagti hain. Dil ki gehrai kalam se hi kaagaz tak pahunchti hai.
- Last Updated on Aug 11, 2026
मेरे जीने के लिए तेरा अरमान ही काफी है,
- Haath
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- Nov 29, 2021
हो न हो ये कोई सच बोलने वाला है क़तील,
जिसके हाथों में कलम, पाँव में जंजीरें हैं।
~ क़तील शिफ़ई
- Kal
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- Nov 22, 2021
जब दुनिया ये सारी सोती है,
बस कलम साथ मेरे होती है
- Aansoo
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- Mar 24, 2019
फ़लक पे भोर की दुल्हन यूँ सज के आई है,
ये दिन उगा है या सूरज के घर सगाई है,
अभी भी आते हैं आँसू मेरी कहानी में,
कलम में शुक्र-ए- खुदा है कि ‘रौशनाई’ है
- Dil
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- Jul 05, 2018
यह शायरी लिखना उनका काम नहीं;
जिनके दिल आँखों में बसा करते हैं;
शायरी तो वो शख्श लिखता है;
जो शराब से नहीं कलम से नशा करता है।
- Haar
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- Jun 12, 2018
हरे रंग को खुश करने में
तुमने भगवा को नीलाम किया
अरे सियासी कलमुहो ये बहुत घिनोना काम किया
खत्म करनी तुम्हारी नोटनकी है
भगवा मेरी जान है !
- Gunaah
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- May 31, 2018
तु मुझसे मेरे गुनाहों का हिसाब ना मांग मेरे खुदा
मेरी तकदीर लिखने में, कलम तो तेरी ही चली थी।