- Ham
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- Sep 25, 2018
Ibrahim Zauq Shayari
Ibrahim Zauq's Shayari - Read, Save and Share
A curated collection of shayari by Ibrahim Zauq, Poet, explore verses that capture Ibrahim Zauq's distinct voice.
- Last Updated on Aug 11, 2026
सितम* को हम करम* समझे, जफा* को हम वफा समझे
- Heart Touching
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- Sep 17, 2018
अब तो घबरा के कहते हैं मर जायेंगे
मर के भी चैन न पाया तो किधर जायेंगे !!
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- Sep 12, 2018
जाहिद* शराब पीने से काफिर हुआ मैं क्यों
क्या डेढ चुल्लू पानी में ईमान बह गया !!
जाहिद – संयम, नियम और जप-तप करने वाला व्यक्ति
- Haar
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- Sep 10, 2018
फूल तो दो दिन बहारे-जाँफिजा* बिखरा गये
हसरत उन गुन्चों पै है जो बिन खिले मुर्झा गये
1.जाँफिजा – प्राणों को बढ़ाने वाला, प्राणवर्धक 2. गुंचा – कली
- Hva
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- Sep 10, 2018
जाते हवाए-शौक* में हैं, इस चमन से ”जौक”
अपनी बला से बादे -सबा* अब कभी चले
हवाए-शौक-शौक को पूरा करने की ख्वाहिश
बादे-सबा- सबेरे की पुर्वा हवा
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- Sep 07, 2018