निगाहे कहर के मारे जब इतने खुश है तो फिर Mohit / Aug 11, 2026 निगाहे कहर के मारे जब इतने खुश है तो फिर निगाहे-कहर* के मारे जब इतने खुश है तो फिर निगाहे-लुत्फ* के मारों का हाल क्या होगा? निगाहे-कहर – कोप-दृष्टि, निगाहे-लुत्फ – कृपा-दृष्टि Nigaahe-kahar ke maare jab itne khush hai to phir NIgaahe-lutf ke maaro ka haal kya hoga? Shayari Khush Shayari Sad Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026