- Saans
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- Jan 27, 2022
Hva Shayari
Wind, love, and one city's complicated air.
These hva shayari use wind as a stand-in for love that's easy to lose — a breeze that needs to slow down and rest, or a romance so essential that losing even a little of it feels like losing breath itself. Several verses turn more literal, criticizing Delhi's smog-heavy air and what it costs the city's poorest residents; Delhi shayari covers more of that city-specific tone.
- Last Updated on Aug 11, 2026
थक गयी होगी ऐ हवा तू चलते चलते
- Delhi
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- Dec 09, 2021
दिल्ली में एक आदमी खुदखुशी कुछ यूँ कर गया,
बाहें फैलाकर खुली हवा में सांस ली और मर गया.
- Delhi
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- Dec 09, 2021
मैं शहर का मीठा डब्बा हूँ तुम कड़वी वाली दवा प्रिये,
मैं शुद्ध लहर हूँ वादी की तुम दिल्ली की गंदी हवा प्रिये.
- Baatein
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- Feb 01, 2021
ज़िन्दगी नवम्बर है,
धूप से घूँघटा हवा से बातें ।।
- Dast
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- Jan 24, 2021
बेतहाशा सर्द हुए जा रही हैं ये हवाएं,
लगता है नवंबर ने फिजाओं संग दस्तक दी है !!
- Ham
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- Jan 12, 2021
मोहब्बत की हवाओं में इश्क की पतंग हम भी उड़ाया करते थे,
वक्त गुजरता रहा और धागे उलझते रहे।
- Baatein
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- Jan 12, 2021
वो उड़ती हुई पतंग की तरह मैं हवाओं से बातें करता था
वो कटी पतंग के पीछे पीछे में गली मोहल्ले में फिरता था
- Baras
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- Jan 03, 2021
पिछले बरस तुम साथ थे मेरे और दिसम्बर था
महके हुए दिन-रात थे मेरे और दिसम्बर था !!
चाँदनी-रात थी सर्द हवा से खिड़की बजती थी
उन हाथों में हाथ थे मेरे और दिसम्बर था !!
- Bahaar
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- Dec 24, 2020
हैं इस हवा में क्या क्या बरसात की बहारें
सब्ज़ों की लहलहाहट बाग़ात की बहारें !!
~नज़ीर अकबराबादी
- Bhagwan
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- Dec 11, 2020
हर हवा के झोंखा तुफान ना होला.
सब पत्थर भगवान ना होला.
आदमी त बहुत बा दुनिया में लेकिन,
हर आदमी इंसान ना होला.
- Desh Bhakti
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- Mar 22, 2019