- Aug 01, 2021
Hurt Shayari
Dard aur zakhm ki shayari
In sheron mein dard aksar khamosh rehta hai - koi shikwa nahi, bas gehre zakhm jo waqt ke saath bhi bharte nahi. Quotes bhi padhein isi dard ko aur gehrai se mehsoos karne ke liye.
- Last Updated on Aug 11, 2026
एहसान किसी का वो रखते नहीं मेरा भी चुका दिया,
- Aug 01, 2021
नमक भर कर मेरे ज़ख्मों में तुम क्या मुस्कुराते हो,
मेरे ज़ख्मों को देखो मुस्कुराना इस को कहते हैं।
- Aug 01, 2021
मेरी चाहत को मेरी हालत की तराजू में ना तोल,
मैंने वो ज़ख्म भी खाये जो मेरी किस्मत में नहीं थे।
- Khud
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- Jul 31, 2021
तरस गए हैं थोड़ी सी वफ़ा के लिए,
किसी से प्यार न करेंगे खुदा के लिए,
जब भी लगती है इश्क की अदालत,
हम ही चुने जाते हैं सजा के लिए।
- Teri
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- Jul 31, 2021