Haal Shayari - Dil Ka Haal Kaun Samjhe

Dil ka haal kabhi labzon mein nahi aata, bas mehsoos hota hai.

Haal Shayari - Dil Ka Haal, Bina Kahe

किसी के हाल पूछने पर भी अक्सर जवाब गले में अटक जाता है, क्योंकि दिल की उलझन शब्दों में समाती ही नहीं - यह शायरी दिल के उसी बेजुबान हाल को बयान करती है। इसी भाव को छोटे अंदाज़ में 2 Line शायरी में पढ़ें।


आज के इस हाल को Aaj शायरी में और अपनों से जुड़ी इसी बेचैनी को Apne शायरी में और गहराई से महसूस किया जा सकता है।