- King
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- Dec 09, 2021
Ghulam Shayari
Willingly bound by love, proudly free from tyranny.
Ghulam shayari leans into an old metaphor — being a willing slave to love, words obedient to the pen, freedom traded for someone's presence. It sits alongside our Dil shayari as verses about surrender rather than defeat.
- Last Updated on Aug 11, 2026
ऐसा कभी सोचा न था कि ये अंजाम होगा,
- Garv
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- Nov 25, 2020
गुलामी के दाग हटाना कोई पाप नही,
हमे #गर्व है मन मे कोई पश्चाताप नही !!
#शोर्यदिवस🚩
- Dil
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- Jul 27, 2018
ज़ालिम ने दिल उस वक़्त तोडा,
जब हम उसके गुलाम हो गए।
- Insaan
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- Jul 16, 2018
दूसरे के महल में गुलामी करने से बेहतर है....
कि इंसान अपनी झोपड़ी में हुकूमत करे...!!
- Attitude
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- Jul 11, 2018
शायरी का बादशाह हुं और कलम मेरी रानी,
अल्फाज़ मेरे गुलाम है, बाकी रब की महेरबानी ।
- Hindi
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- Jun 15, 2018
गुलाब, ख्वाब, दवा, ज़हर, जाम क्या क्या हैं
में आ गया हु बता इंतज़ाम क्या क्या हैं
फ़क़ीर, शाह, कलंदर, इमाम क्या क्या हैं
तुझे पता नहीं तेरा गुलाम क्या क्या हैं
- Desh
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- Jan 16, 2018
गुलाम बने इस देश को आजाद तुमने कराया है
सुरक्षित जीवन देकर तुमने कर्ज अपना चुकाया है
दिल से तुमको नमन हैं करते
ये आजाद वतन जो दिलाया है