Chaah Shayari - Dil Ki Adhuri Khwahish
Har chaah poori nahi hoti, par har chaah shayari ban jaati hai.
किसी न किसी अनकही ख्वाहिश की बात - Chaah shayari की हर लाइन यही करती है, किसी को पाने की चाह से लेकर किसी को भूलने के लिए मिलने वाले वक़्त की कमी तक। कुछ पंक्तियाँ त्योहारों के रंग में भी यह चाह जोड़ती हैं। गहरी बात के लिए Anmol Vachan भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
- Chaahat
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- Feb 03, 2017
ज़िन्दग़ी है या किसी का क़र्ज़ है...!!
ईट तो है सर पे लेकिन किसी की चाहत नहीं...!!
- Mohabbat
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- Feb 02, 2017
कोई रास्ता हो तो बताना ,
मुहब्बत वापस चाहिए।
- Dil
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- Feb 02, 2017
हर बार दिल दुखे ऐसा तुम काम ना किया करो
चाहत दिल में हो तो इस बात का खयाल तुम रखा करो
- Mar
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- Jan 31, 2017
उमर भर तेरे ग़म से निभाया जाये
इससे बेहतर है......किसी और शख़्स को चाहा जाये...!!
- Aukat
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- Jan 30, 2017
बस इतना ही चाहिये तुजसे ऐ जिंदगी..
कि जम़ीन पर बैठूँ तो लोग उसे मेरा बडप्पन कहें, औकात नहीं.!
- Khud
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- Jan 27, 2017
खुद में झाँकने के लिये जिगर चाहिये,
दूसरों की शिनाख़्त में तो हर शख़्स माहिर है..!!
- Ham
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- Jan 26, 2017
तुम्हे चाह लिया है तो क्यों किसीकी चाह करें
हमे शौक नही कि फिरसे खुद को तबाह करें!
- Hindi
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- Jan 26, 2017