- Nana
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- Oct 27, 2016
Bhool Shayari - Bhoolna Chaha, Bhool Na Paaye
Kuch log chahkar bhi bhoolte nahi - bhool shayari yahi kehti hai.
किसी को आसानी से भुला देने की सलाह मिलने पर भी दिल से न भूल पाने की मजबूरी से लेकर बीते साल को पीछे छोड़ने की कोशिश तक, bhool shayari उस अधूरी भूल की बात करती है जो दिल कभी पूरी नहीं कर पाता। गहरी बातों के लिए Anmol Vachan भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
शिकायत रोज करता हु की तू मिलती नहीं मुझको ।
- Aansoo
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- Oct 22, 2016
"मुददत बाद मिले हम और उसने कहा "तुझे भूल जाना चाहती हूँ मैं"
आंसू आ गए मेरी आंखों में ये सोचकर कि "इसे अब तक याद हूं मैं"
- Ham
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- Oct 22, 2016
अब ढूँढ़ रहे है वो मुझ को भूल जाने के तरीके...,
तो दूर हो कर उनकी मुश्किलें आसन कर दी हमने।
- Oct 21, 2016
अगर तुम्हें भूलाना मुमकिन होता तो कब के भूला दिये होते
यूँ पैंरो में मोच होते हुए भी चलना किसको पसन्द है
- Barbadi
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- Oct 21, 2016
वो बोली क्या अब भी हमारी याद आती है,
मैंने भी हंसकर बोला अपनी बर्बादी को कौन भूल सकता है !!
- Kal
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- Oct 21, 2016
लगता है भूल चूका हूँ, मुस्कुराने का हुनर,
कोशिश जब भी करता हूँ, आंसू निकल ही आते..
- Dil
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- Oct 21, 2016
किसी से भूल कर भी अपने दिल की बात मत कहना...
यहाँ ख़त भी जरा-सी देर में अखबार होता है...!!
- Aasan
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- Oct 21, 2016