- Samajwadi
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- Jan 10, 2022
Aam Shayari
A word that means everything except mango here.
Despite the name, this aam collection has almost nothing to do with mangoes — 'aam' mostly shows up inside phrases like sar-e-aam (openly, in plain sight) and aam janta (the ordinary person), so read it as a grab-bag built around that word rather than one fixed theme. Verses range from open declarations of love to lines about staying true to an uncommon path. Dua shayari has more on that hopeful, wishing tone.
- Last Updated on Aug 11, 2026
सत्ताधारी पार्टी से आम जनता खफा है,
- Pongal
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- Jan 06, 2022
अपनी खुशी सरेआम जग-जाहिर कर दे
आपको पोंगल का आशीर्वाद मिले
और दुखों को हराने में आपको माहिर कर दे.
HAPPY PONGAL 2022
- Delhi
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- Dec 09, 2021
हिन्दुस्तान का जख्म सरेआम नजर आया,
जब इंडिया गेट की दीवार पर शहीदों का नाम लिखा पाया.
- Dec 09, 2021
जानकारी पर्याप्त ना हो तो शब्दों पर नियंत्रण रखिये,
आमदनी पर्याप्त ना हो तो खर्चों पर नियंत्रण रखिये।
- Parichay
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- Dec 09, 2021
बस इतनी सी बात पर हमारा परिचय तमाम होता है,
हम उस रस्ते नहीं जाते जो रास्ता आम होता है.
- Ham
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- Dec 09, 2021
मुद्दतों बाद भी नहीं मिलते हम जैसे नायाब लोग
तेरे हाथ क्या लग गए तुमने तो हमे आम समझ लिया
- Priy
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- Sep 30, 2021
प्रिय अक्टूबर! तुम भी ढाक के तीन पात निकले
सोचा था ख़ास निकलोगे, पर तुम भी आम निकले !!
- Khud
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- Sep 02, 2021
वो खुद पे इतना गुरूर करते हैं,
तो इसमें हैरत की बात नहीं,
जिन्हें हम चाहते हैं,
वो आम हो ही नहीं सकते।
- Sareaam
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- Aug 07, 2021
खुल जाता है तेरी यादों का बाज़ार सरेआम,
फिर मेरी रात इसी रौनक में गुज़र जाती है।
- Khud
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- Jun 18, 2021
कर्बला की कहानी में कत्लेआम था,
लेकिन हौसलों के आगे हर कोई गुलाम था !!
खुदा के बन्दे ने शहीद की कुर्बानी दी,
इसलिए उसका नाम इबादत का पैगाम बना !!
- Khud
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- Jun 09, 2021
कई ख़्वाब मुस्कुरायें सरेआम
बेखुदी में ,
मेरे लबों पे आ गया जान
तेरा नाम बेखुदी में
- Haar
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- May 05, 2021
चैन खो जाने का इज़हार ज़रूरी तो नहीं,
यह तमाशा सरे आम जरुरी तो नहीं,
मुझे था प्यार तेरी रूह से और अब भी है,
तेरे जिस्म से हो कोई सरोकार ज़रूरी तो नहीं।
- Barbaad
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- Mar 29, 2021
तुमको भूलने का समान लिये बैठा हूँ
हांथो में लिए जाम हर शाम बैठा हूँ
किस्सा मुहब्बत का कहूँ या बर्बादी का
तूम्हारी आदत को सरेआम किये बैठा हूँ !!
- Dost
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- Mar 02, 2021