कुछ नहीं है आज मेरे शब्दों के गुलदस्ते में

कुछ नहीं है आज मेरे शब्दों के गुलदस्ते में

कुछ नहीं है आज मेरे शब्दों के गुलदस्ते में,
कभी कभी मेरी खामोशियाँ भी पढ लिया करो…!!


Kuchh nahin hai aaj mere shabdon ke guladaste mein,
Kabhee kabhee meree khaamoshiyaan bhee padh liya karo…!!