ये शेरो शायरी सब उसी की मेहरबानी है

ये शेरो शायरी सब उसी की मेहरबानी है

ये शेरो-शायरी सब उसी की मेहरबानी है,
वो कसक जो सीने से आज भी नहीं जाती।


Ye shero-shaayaree sab usee kee meharabaanee hai,
Vo kasak jo seene se aaj bhee nahin jaatee.