मिली हैं रूहें तो, रस्मों की बंदिशें क्या हैं

मिली हैं रूहें तो, रस्मों की बंदिशें क्या हैं

मिली हैं रूहें तो, रस्मों की बंदिशें क्या हैं,
यह जिस्म तो ख़ाक हो जाना है, फिर रंजिशें क्या है।


Milee hain roohen to, rasmon kee bandishen kya hain,
Yah jism to khaak ho jaana hai, phir ranjishen kya hai.