महफ़िल में गले मिल के वो धीरे से कह गए

महफ़िल में गले मिल के वो धीरे से कह गए

महफ़िल में गले मिल के वो धीरे से कह गए,
ये रस्म-ए-अंजुमन है चाहत का गुमाँ न कर।


Mahafil mein gale mil ke vo dheere se kah gae,
Ye rasm-e-anjuman hai chaahat ka gumaan na kar.