फुरसत अगर मिले तो मुझे पढ़ना जरूर

फुरसत अगर मिले तो मुझे पढ़ना जरूर

फुरसत अगर मिले तो मुझे पढ़ना जरूर,
नाकाम ज़िंदगी की मुकम्मल किताब हूँ मैं।


Fursat Agar Mile Toh Mujhe Parhna Jaroor,
Nakaam Zindagi Ki Muqammal Kitab Hoon Main.