नसीब की बारिश कुछ इस तरह से होती रही मुझ पर Mohit / Jan 31, 2022 नसीब की बारिश कुछ इस तरह से होती रही मुझ पर नसीब की बारिश कुछ इस तरह से होती रही मुझ पर, ख्वाहिशें सूखती रहीं और पलकें भीगती रहीं...! Naseeb kee baarish kuchh is tarah se hotee rahee mujh par, Khvaahishen sookhatee raheen aur palaken bheegatee raheen...! Shayari Hindi Shayari Kuch Shayari