नसीब की बारिश कुछ इस तरह से होती रही मुझ पर

नसीब की बारिश कुछ इस तरह से होती रही मुझ पर

नसीब की बारिश कुछ इस तरह से होती रही मुझ पर,
ख्वाहिशें सूखती रहीं और पलकें भीगती रहीं...!


Naseeb kee baarish kuchh is tarah se hotee rahee mujh par,
Khvaahishen sookhatee raheen aur palaken bheegatee raheen...!