ठोकर ना लगा मुझे पत्थर नही हूँ मैं

ठोकर ना लगा मुझे पत्थर नही हूँ मैं

ठोकर ना लगा मुझे पत्थर नही हूँ मैं,
हैरत से ना देख कोई मंज़र नही हूँ मैं,
उनकी नज़र में मेरी कदर कुछ भी नही,
मगर उनसे पूछो जिन्हें हासिल नही हूँ मैं।


Thokar Na Laga Mujhe Pathar Nahi Hu Main,
Hairat Se Na Dekh Mujhe Manzar Nahi Hu Main,
Mana Ki Unki Nazro Mein Meri Kader Kuch Bhi Nahi,
Mager Unse Poocho Jinhe Haasil Nahi Hu Main.