कुछ इसलिये भी ख्वाइशो को मार देता हूँ

कुछ इसलिये भी ख्वाइशो को मार देता हूँ

कुछ इसलिये भी ख्वाइशो को मार देता हूँ
माँ कहती है घर की जिम्मेदारी है तुझ पर


Kuchh isaliye bhee khvaisho ko maar deta hoon
Maan kahatee hai ghar kee jimmedaaree hai tujh par