कुछ इस तरह से गुज़ारी है ज़िंदगी जैसे

कुछ इस तरह से गुज़ारी है ज़िंदगी जैसे

कुछ इस तरह से गुज़ारी है ज़िंदगी जैसे,
तमाम उम्र किसी दूसरे के घर में रहा।


Kuchh Iss Tarah Se Gujaari Hai Zindgi Jaise,
Tamaam Umr Kisi Dusre Ke Ghar Mein Raha.