कुछ इस अदा से आज वो पहलू-नशीं रहे

कुछ इस अदा से आज वो पहलू-नशीं रहे

कुछ इस अदा से आज वो पहलू-नशीं रहे,
जब तक हमारे पास रहे हम नहीं रहे।


Kuchh Iss Adaa Se Aaj Woh Pahlu-Nashin Rahe,
Jab Tak Humaare Paas Rahe Hum Nahi Rahe.