काजल की पहरेदारी में कुछ तो ख़ामियाँ हैं हुज़ूर

काजल की पहरेदारी में कुछ तो ख़ामियाँ हैं हुज़ूर

काजल की पहरेदारी में कुछ तो ख़ामियाँ हैं हुज़ूर

काजल की पहरेदारी में कुछ तो ख़ामियाँ हैं हुज़ूर...
दबे पाँव सपने तेरे यूँ ही नहीं चले आते...!!


Kaajal kee paharedaaree mein kuchh to khaamiyaan hain huzoor...
Dabe paanv sapane tere yoon hee nahin chale aate...!!