- Hindi
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- Jul 06, 2023
Zubaan Shayari
Kabhi khamoshi, kabhi zubaan.
Zubaan shayari is about the weight of what we say, and don't: a success story that only sounds good once it's finished, a struggle to hold back words the eyes already gave away, silences that maybe deserved a voice too. Read more in Ham shayari.
- Last Updated on Aug 11, 2026
2 चीज़ हमेशा मायने रखती है,
- Corona
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- Apr 02, 2020
बाहर पुलिस का डंडा,घर में बीवी की जुबान।
चायना वालों तुमको माफ नहीं करेगा हिंदुस्तान।
- Chup
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- Feb 11, 2019
कसूर तो था ही इन निगाहों का जो चुपके से दीदार कर बैठा हमने तो खामोश रहने की ठानी थी पर बेवफा ये ज़ुबान इज़हार कर बैठा
- Ham
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- Jan 30, 2019
आपकी मुस्कान हमारी कमजोरी है..
कह ना पाना हमारी मजबूरी है !!
आप क्यों नहीं समझते इस जज़्बात को..
क्या खामोशियों को ज़ुबान देना ज़रूरी है !!
- Muharram
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- Sep 15, 2018
क्या जलवा कर्बला में दिखाया हुसैन ने,
सजदे में जा कर सिर कटाया हुसैन ने !!
नेजे पे सिर था और ज़ुबान पे अय्यातें,
कुरान इस तरह सुनाया हुसैन ने !!
- Adhuri
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- Mar 14, 2017
अधूरी दास्तान व्यक्त करती एक किताब हूँ मैं
अल्फ़ाज़ों से भरपूर मगर खामोश जुबान हूँ मैं...!!!