- Kuch
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- Jun 21, 2023
Talab Shayari - Tadap Aur Matlab Dono Ki Baat
Kabhi rooh ki talab, kabhi rishton ka matlab - dono yahan milte hain.
किसी की तलब जब रूह तक उतर आए तो वह सच्ची चाहत बन जाती है, और कभी-कभी "मतलब" शब्द रिश्तों में छुपे स्वार्थ को उजागर कर देता है - talab shayari इन दोनों भावों को साथ लेकर चलती है, प्यार के असली मतलब की तलाश करते हुए। छोटे अंदाज़ में यही बात 2 Line में भी मिलती है।
- Last Updated on Aug 11, 2026
शब्दों के बीच की ख़ाली जगह हूँ.
- Husband
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- Jan 30, 2022
मोहब्बत का मतलब इकरार नहीं होता,
सिर्फ किसीको देखना प्यार नहीं होता
यूं तो रोज मिलते है मोहब्बत इकरार,
मोहब्बत है जिंदगी बार बार नहीं होता.
- Love
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- Dec 13, 2021
मेरी रूह की तलब हो तुम,
कैसे कहूं सबसे अलग हो तुम…
- Hisse
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- Dec 09, 2021
अपने हिस्से का पिज्जा
किसी से शेयर नहीं करता हूँ,
इसका मतलब यह मत समझना
कि मैं केयर नहीं करता हूँ.
- Nov 02, 2021
मैं किसी की दस्त-ए-तलब में हूँ, तो किसी की हर्फ़-ए-दुआ में हूँ,
मैं नसीब हूँ किसी और का, मुझे मांगता कोई और है।
- Matalab
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- Oct 24, 2021
मैं एक संजीदा साहिल हूँ,
मुझे मौजों से क्या मतलब,
कई तूफ़ान आये पर,
मेरी फितरत नहीं बदली।
- Kuch
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- Aug 16, 2021
कुछ मतलब के लिए ढूँढते हैं मुझको,
बिन मतलब जो आए तो क्या बात है,
कत्ल कर के तो सब ले जाएँगे दिल मेरा,
कोई बातों से ले जाए तो क्या बात है।
- Lakeer
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- Aug 11, 2021
ये जमीं जब खून से तर हो गयी है,
ज़िंदगी कहते हैं बेहतर हो गयी है,
हाँथ पर मत खींच बेमतलब लकीरें,
मौत हर पल अब मुक़द्दर हो गयी है।
- Teri
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- Aug 10, 2021
फिर तेरी याद, फिर तेरी तलब, फिर तेरी बातें,
ऐसे लगता है ऐ दिल मेरे तुझे सकून नहीं आता।
- Sad
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- Aug 01, 2021