Sukoon Shayari - Thehrav Ki Talaash

Shor bahut hai jahan mein, sukoon kahin aur milta hai.

Sukoon Shayari - Bhaagti Zindagi Mein Thehrav

रोज़ की आपाधापी में सुकून किसी बड़ी उपलब्धि में नहीं, बल्कि छोटे-छोटे भूले-बिसरे लम्हों में छुपा मिलता है - यह शायरी उन्हीं लम्हों को शब्द देती है। रोज़ के इस भाव को 2 Line शायरी में पढ़ें।


अंधेरा और तन्हाई किसी को डराते हैं तो किसी को वही राहत का एहसास देते हैं - इसी फ़र्क को Din और Ham शायरी में और समझा जा सकता है।