- Dhoka
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- Jan 14, 2022
Rog Shayari
Kabhi dhoka, kabhi tanhai, dil ko sataane ke kayi rog hote hain.
Zindagi mein kayi cheezein dil ko rog ki tarah sataati hain, kabhi kisi ka dhoka, kabhi akelapan, kabhi bas waqt ka guzarna. Yeh shayari un uljhano ko samete hai jo Chaah Shayari jaisi khwahishon mein bhi dikhti hain.
- Last Updated on Aug 11, 2026
शरीफों के लिए वो जैसे एक रोग है,
- Ehasaas
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- Dec 13, 2021
करोगे क्या जो कह दूं की उदास हूं मैं
पास होऊ तो गले लगा लूं
दूर हूं तो एहसास हूं मैं
- Madhumeh
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- Dec 09, 2021
मिठाई (स्वीट्स) तो सबके मन को भाता है,
पर सबको खाने के बाद मधुमेह रोग का डर सताता है.
- Zindagi
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- Sep 18, 2021
हो के मायूस न यूं शाम से ढलते रहिये,
ज़िन्दगी भोर है सूरज सा निकलते रहिये,
एक ही पाँव पे ठहरोगे तो थक जाओगे,
धीरे-धीरे ही सही राह पे चलते रहिये।
- Engineer's Day
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- Sep 14, 2021
प्रोग्राम में एरर और बीबी का बर्थडे एक ही दिन आता है,
ऐ खुदा इस तरह से तू मुझे क्यों सताता है.
हैप्पी इंजीनियर्स डे
- Dava
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- Aug 29, 2021
कैसे मुमकिन था किसी दवा से इलाज़ ग़ालिब।
इश्क का रोग था माँ की चप्पल से ही आराम आया।
- Chaah
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- Jul 05, 2021
वक्त के साथ मेहंदी का रंग उतर जाता है,
पर चाहत के रंग अपने दिल से कैसे उतारोगी?
- Love
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- Mar 19, 2021